जग कागज़ – मैं स्याही

जग कागज़ में उलझ पिघल
मैं स्याही बन अर्थ बन
जग बदले बादल, माथे पर बल
मैं गरज बारिश बन ठन
चारों ओर धुंध की चदरें
मिटाता चलूँ, सुलझाता चलूँ
चमन जैसे कीचड़ में कमल
तुम संग हो या मैं एकल
सोच, ठिठक कर गया सम्भल
राही हूँ या अंजान राह आजकल
झलक देख उलझे नेत्र सजल
सफर रोज़ का पर जाना किधर
मंज़िल किस ओर, नहीं खबर
बसूं कल-कल के पल-पल में
न थका चल-चल जल-जल में
लिख सवाल स्मृतिपटल मुसलसल
दल दलदल में शीतल तल धरातल
जग-जग जग निखरे नज़रें बदल
बजे कंगन-पैजन लिपटी कफ़न
कर प्रबल सकल जतन जला मशाल
बचाऊँ अंतिम लौ, ज़ोर दिखाए तूफान
अक्लमंद हो या मन्द अकल
जाल जान सालों से न फिसल
करूं दखल सरल, घुटन विफल
पहचानूँ कौन नकल कौन असल ॥

92 thoughts on “जग कागज़ – मैं स्याही

  1. बहुत ही अच्छा लिखा है आपने

    Liked by 8 people

    1. बहुत शुक्रिया आपका 😄

      Liked by 1 person

  2. khubsurat rachna…….behtarin.👌👌

    Liked by 6 people

    1. जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका 😄

      Liked by 2 people

    1. शुक्रिया आपका 😃

      Liked by 1 person

  3. Bahut hee sundar rachna aapki!
    Vishesh ye laine bahut pasand aayi:
    तुम संग हो या मैं एकल
    सोच, ठिठक कर गया सम्भल
    राही हूँ या अंजान राह आजकल
    झलक देख उलझे नेत्र सजल

    Samajh aa raha hai ki aapka shabd gyaan vishall ewam teekshn hai!
    Sadhuwaad!

    Liked by 10 people

    1. बहुत बहुत शुक्रिया रविन्द्र सर comments के जरिये इतना प्यार देने और मेरा हौसला बढ़ाने के लिए,
      बहुत अच्छा लगा इतने सारे आपके Comments पढ़ कर
      😃🤗😄

      Liked by 2 people

    1. शुक्रिया आपका दिव्या जी 🤗

      Liked by 1 person

  4. Wow.. beautiful post indeed!

    Liked by 5 people

    1. शुक्रिया पांड्या जी 🤗

      Liked by 2 people

  5. बहुत खूब!

    Liked by 8 people

    1. शुक्रिया स्नेहा जी 🤗

      Liked by 3 people

  6. आपके जवाब पर मेरे द्वारा अपने आप like हो जा रहे हैं। 😂 क्या आपने भी कभी ऐसा नोटिस किया?
    मैं अभी-अभी wordpress खोला हूँ पढ़ने के लिए लेकिन like पहले से हुआ है।
    मैं काफी दिनों से सोच रहा था पूछने के लिए।

    Liked by 6 people

    1. नहीं, मैंने कभी ध्यान नहीं दिया इस पर 😅

      Liked by 3 people

      1. और यह आपके हरेक पोस्ट के साथ हो रहा है। 😂
        चलिए अच्छा है। मेहनत कम करना पड़ेगा।

        Liked by 2 people

        1. 😂😂😂 सही कहा आपने

          Liked by 1 person

  7. ऐसी रसमयी अभिव्यक्ति
    बहुत सुंदर

    Liked by 7 people

    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका शुभा जी 🤗
      आपकी रचनाओं के आगे ये कुछ भी नहीं

      Liked by 3 people

      1. ऐसा तो बिल्कुल नहीं
        मुझे वास्तव में आपकी कविताओं का level अलग लगता है

        Liked by 2 people

        1. सच में
          ये तो आपका बड़प्पन है ☺️

          Liked by 2 people

        2. आपकी लेखन कला उम्दा है
          मैं कहीं नहीं ठहरता
          बहुत कुछ सीखना है मुझे अभी

          Liked by 2 people

          1. और ये आपका बड़प्पन !!
            ये अन्दाज़ भी अच्छा है 😊

            Liked by 2 people

          2. Hehehe शुक्रिया शुभा जी 😅

            Liked by 1 person

    1. Thank you so much Dulcy ji 🤗😄😀

      Liked by 3 people

      1. I am too small for ji

        Liked by 2 people

          1. Wow, itni kam age me writing ki hobby generally dekhne ko nhi milti
            Mai to fir bhi apko Dulcy ji kahunga 😅😃

            Liked by 2 people

          2. Thanks a lot sir 😊. I learning and getting motivated by reading others wonderful writer’s creations like you.

            Liked by 2 people

          3. You are too source of motivation for us dear 🤗
            You are nice girl ☺️

            Liked by 2 people

          4. My pleasure sir 😊

            Liked by 2 people

          5. Btw you can call me Navneet not sir 😅

            Liked by 2 people

    1. बहुत शुक्रिया अनु जी 🤗😁☺️😃

      Liked by 1 person

  8. खूबसूरत 👌

    Liked by 5 people

    1. बहुत शुक्रिया आपका 😁🤗☺️😃

      Liked by 2 people

  9. Beautiful, rhyming se lekar arth tak sab kuch kamaal ka hai.

    Liked by 6 people

    1. 😅😅
      Thank you so much Priya ji 🤗😃☺️

      Liked by 2 people

      1. My pleasure Navneet ji. 😊

        Liked by 2 people

  10. Vahh Navneet ji bahut achha likha hai me bhi kuchh words to likh hi leti hu to agar aap apna kimati samay nikal ke hame padhenge to mujhe bahut achha lagega.

    Liked by 6 people

    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका 😁🤗☺️😃
      हां बिल्कुल क्यों नहीं
      जरूर पढूंगा

      Liked by 1 person

  11. बेहतरीन रचना 👏👏👌

    Liked by 5 people

    1. बहुत शुक्रिया आपका अनिता जी 😁😃🤗

      Liked by 1 person

    2. खुशी हुई कि आपको पसंद आई ये कविता 😁

      Liked by 1 person

  12. बहुत ख़ूब👌

    Liked by 6 people

    1. बहुत धन्यवाद आपका ज़ोया जी 🍫😁😃

      Liked by 1 person

  13. Well written. We are lucky if we can understand what is real and what is not, what is good and what is not good. Regards

    Liked by 6 people

    1. Thanks a lot dear 🍺🤗🍧🍨😄

      Like

  14. Beautifully written 😊🌼

    Liked by 4 people

      1. You are welcome 😊🍧🍭🍬🍫🧁🥧😀

        Like

  15. सहज सरल सुव्यवस्थित और सुदृष्ट रचना ।

    Liked by 4 people

    1. बहुत शुक्रिया आपका 😃

      Liked by 1 person

  16. बहुत ख़ूब👌

    Liked by 2 people

    1. शुक्रिया आपका 🤗

      Like

  17. गजब शानदार

    Liked by 2 people

    1. शुक्रिया आपका 🤗

      Liked by 1 person

    1. Thank you so much 🤗🍫💐❤️

      Like

  18. Very beautiful lines. A fabulous composition. Keep writing.

    Liked by 1 person

    1. Thank you so much Aparna ji 😁💐

      Like

  19. जबरजस्त पोस्ट

    Liked by 1 person

    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका अनुपमा जी 🤗

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